महाकाल के दर्शन में नित्य दर्शनार्थियों के लिए लगाए कई प्रतिबंध, विरोध में भक्तों ने बजाए झांझ मंजीरे

mahakal Daily darshnarthi virodh 15122021

महाकाल मंदिर प्रशासक के कार्यालय के बाहर दिया धरना, गूंजा रघुपति राघव राजा राम.. प्रशासन को सद्बुद्धि दे भगवान

उज्जैन, अग्निपथ। श्री महाकालेश्वर मंदिर में अधिकारियों द्वारा नित नए प्रयोगों के नाम पर दर्शन व्यवस्था में खड़ी की जा रही बाधाओं के खिलाफ नियमित दर्शनार्थी भक्त परिवार के सदस्यों ने मंदिर प्रशासक के कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन किया।

बुधवार को दोपहर दो बजे महाकाल भक्त प्रशासक कार्यालय के सामने भक्त धरने पर बैठे तथा झांझ मंजीरे बजाते हुए ‘‘रघुपति राघव राजा राम.. प्रशासन को सद्बुध्दि दे भगवान’’ भजन गाया।

नियमित दर्शनार्थी भक्त परिवार के अध्यक्ष रवि राय ने बताया कि कई वर्षों से प्रतिदिन महाकाल मंदिर में बिना व्यवधान के दर्शन करने आ रहे नित्य दर्शनार्थियों को अब कई बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

14 दिसंबर को मंदिर समिति द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में नित्य दर्शनार्थियों पर अनेक प्रतिबंध लगा दिये गये हैं जैसे कि 90 प्रतिशत उपस्थिति, अधिक लंबा मार्ग, दिन में एक बार दर्शन की व्यवस्था, बायोमेट्रिक उपस्थिति जिनमें वृध्दजनों के लिए तो मशीन काम ही नहीं करती है। समय-समय पर दर्शन व्यवस्था में परिवर्तन, विशेष पर्वों पर दर्शन की अनुमति नही। इन सब निर्णयों को वापस लेने हेतु नित्य दर्शनार्थी परिवार ने महाकाल मंदिर प्रशासक को ज्ञापन सौंपा तथा उपरोक्त सभी प्रतिबंध को हटाये जाने की मांग की।

नियमित दर्शनार्थियों पर लगाए प्रतिबंध हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते श्रद्धालु।
नियमित दर्शनार्थियों पर लगाए प्रतिबंध हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते श्रद्धालु।

रवि राय ने कहा कि नित्य दैनिक दर्शनार्थियों से प्रतिदिन सुरक्षाकर्मियों, सुरक्षा गार्डों एवं मंदिर समिति के निरीक्षकों द्वारा विवाद किये जा रहे हैं। क्योंकि प्रतिदिन समिति के अधिकारियों द्वारा नित्य नई व्यवस्था नए प्रयोग मंदिर में दर्शन हेतु किये जा रहे हैं, जिससे नियुक्त कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति एवं भ्रम की स्थिति निर्मित हो रही है।

रवि राय के साथ ही महेन्द्र कटियार, रूपसिंह बुंदेला, आशीष राय, शैलेन्द्र दुबे, सपना सांखला, पिंकी यादव, विशाल यादव, डॉ. राजीव त्रिवेदी, प्रमोद पांचाल, महेंद्र सिकरवार, विवेक यादव, चंद्रशेखर जायसवाल, गजेन्द्रसिंह, प्रदीप माथुर, राजेन्द्र कुमार, नंदा पंवार, वैशाली तोमर, सुमन सिकरवार, ओमप्रकाश राठौर, अनुज जैन, कमलेश सोनी, डॉ. गणेश सोनी, संतोष, श्यामा प्रजापत, रीना प्रजापत, श्यामा, प्रियंका, उषा बुगना, नीता भावसार, सुमन परमार, राजू परमार, अमिता सहित महाकाल भक्तों ने ज्ञापन के माध्यम से अनुरोध किया कि एक स्पष्ट नीति दैनिक दर्शनार्थियों के लिए बनाई जाए, उनके लिए अलग मार्ग बनाया जाये जो शीघ्र और सुलभ हो, किसी भी प्रकार की बायोमेट्रिक मशीन न लगाते हुए मात्र आधार कार्ड देखकर मंदिर समिति उन्हें दर्शन हेतु प्रवेश दे।

बार-बार बदली व्यवस्था, भक्त परेशान

रवि राय ने बताया कि पहले नित्य दर्शनार्थी पूरे दिन दर्शन करते थे लेकिन व्यवस्था के तहत 2 घंटे प्रतिदिन प्रात: और शाम समय बंधन किया, फिर भी व्यवस्था बनाने हेतु हमने स्वीकार किया। समिति द्वारा चार नंबर गेट से प्रवेश देकर सूर्यमुखी काले गेट से गणेश मंडप से सुगम दर्शन हो रहे थे लेकिन काला गेट शाम के समय बंद किया जाने लगा फिर प्रात: के समय बंद किया गया जिसके संबंध में ज्ञापन दिया गया लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। बाद में नवग्रह मंदिर के मार्ग से गणेश मंडप तक जनरल लाईन में दर्शन हो रहे थे उसे भी बंद कर दिया गया।

सारा ध्यान शुल्क लेकर दर्शन कराने पर, आम भक्तों की परवाह नहीं

13 दिसंबर 2021 को प्रशासक से चर्चा के बाद नवग्रह के बेरिकेट खोलकर प्रवेश देने की सहमति हुई और कर्मचारियों को निर्देशित किया जाना था। वर्तमान में 4 सहायक प्रशासनिक अधिकारी के साथ मंदिर समिति के कर्मचारी, सुरक्षा कर्मचारी, पुलिस कर्मचारी करीब 500 की संख्या में नियुक्त है लेकिन मात्र 500 नित्य दर्शनार्थियों की व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं।

भक्तों ने कहा कि ऐसा लगता है कि मंदिर समिति का पूरा ध्यान शुल्क लेकर दर्शन कर रहे दर्शनार्थियों की व्यवस्था में ही रह गया है, नित्य दर्शनार्थि जो उज्जैन के परम भक्त हैं उन्हें मंदिर समिति महत्व नहीं दे रही है। वर्तमान में गर्भगृह में प्रवेश के दौरान दर्शनार्थियों स ेजल के कलश एवं बिल्व पत्र, पुष्प आदि बाहर ही रखवाये जा रहे हैं जो कि किसी भी स्थिति में उचित नहीं है एवं भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ है। प्रवेश बंद के दौरान जलपात्र पूर्वानसार शीघ्रता से लगाये जायें।

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