महाकाल मंदिर प्रबंध समिति 87 सुरक्षाकर्मियों को करेगी बेरोजगार

मंदिर प्रशासन ने आदेश किए जारी, नौकरी जाने के भय से सुरक्षाकर्मी आक्रोशित

उज्जैन, अग्निपथ। श्री महाकालेश्वर मंदिर द्वारा नववर्ष के लिए आने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए भर्ती किए गए 87 सुरक्षाकर्मियों को हटाकर बेरोजगार करने की तैयारी की जा रही है। इस तरह के आदेश मंदिर प्रशासन ने सोमवार को जारी किए हैं। 210 में से केवल 123 सुरक्षाकर्मियों को ही तैनात करने के आदेश दिए गए है। इस आदेश के जारी होने से सुरक्षाकर्मियों में आक्रोश पैदा हो गया है। उनका कहना है कि जब निकालना ही था तो उनको अल्प सेवा के लिए भर्ती ही क्यों किया गया?

श्री महाकालेश्वर मंदिर में नव वर्ष को देखते हुए करीब 23 दिन पहले मंदिर की सुरक्षा ठेका संभालने वाली कृष्णा सिक्योरिटी एंड लेबर सप्लायर सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को 70 सुरक्षाकर्मी रखने के आदेश प्रदान किए गए थे। इसके बाद इन सुरक्षाकर्मियों ने 5 दिन ट्रायल देने के बाद अपनी सेवा देना प्रारंभ कर दिया था। इनके द्वारा थर्टी फस्र्ट और नव वर्ष पर उमड़ी भीड़ को बिना पुलिस प्रशासन के नियंत्रित किया था और सकुशल अपने घर वापस लौटाया था।

लेकिन मंदिर प्रशासन ने काम निकल जाने के बाद 10 जनवरी को एक आदेश निकालते हुए हवाला दिया कि गर्भगृह एवं प्रात: कालीन भस्म आरती एवं रात्रि कालीन शयन आरती में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित होने से मंदिर सुरक्षा के लिए तीन शिफ्ट में कुल 123 सुरक्षाकर्मी हीचाहिएं। प्रथम शिफ्ट में 50, द्वितीय शिफ्ट में 50, तृतीय शिफ्ट में 16 और वैदिक प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान में 7 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाने हैं। सुरक्षा व्यवस्था प्रभारी दिलीप बामनिया के मार्गदर्शन में 9 जनवरी से आगामी आदेश तक करना सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं। इस आदेश के जारी होने के बाद मंदिर में लगे सुरक्षाकर्मियों में भय का वातावरण पनपा हुआ है।

70 नए और 17 पुराने सुरक्षाकर्मी बाहर होंगे

मंदिर प्रशासन ने अपने सुविधा के अनुसार सुरक्षाकर्मियों की नव वर्ष के प्रबंधन के लिए भर्ती तो कर ली, लेकिन बाद में इनके भरण पोषण का क्या होगा। इस बारे में नहीं सोचा। 210 सुरक्षाकर्मियों में से 70 और 17 पुराने सुरक्षाकर्मियों को मंदिर से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा

अच्छा सिला दिया…

मंदिर प्रशासन के इस आदेश से 20 दिन से नौकरी रहे 70 और कई महीनों से नौकरी कर रहे हैं 17 कर्मचारियों को बाहर कर दिया जाएगा। जबकि इनके द्वारा नव वर्ष के पूर्व से ही मंदिर की व्यवस्था को संभाल लिया गया था और नववर्ष के पहले दिन जब दो लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर में उमड़े थे। उन को नियंत्रित कर सकुशल घर वापस लौटाया था। जिस का सिला मंदिर प्रशासन ने इस तरह से सुरक्षाकर्मियों को नौकरी से बाहर कर दिया है।

महाशिवरात्रि पर फिर पड़ेगी जरूरत

आगामी फरवरी माह में महाशिवरात्रि पर्व मंदिर में देव दिवाली के रूप में मनाया जाएगा। जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आने की भी संभावना है और प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले ही इसकी घोषणा कर चुके हैं। ऐसे में वीवीआइपी आगमन के दौरान मंदिर के सुरक्षाकर्मियों की बड़ी संख्या में आवश्यकता पड़ेगी। लेकिन कुछ दिन पूर्व ही इन सुरक्षाकर्मियों को इस तरह से हटाया जाना, मंदिर प्रशासन की कहीं ना कहीं अदूरदर्शिता लग रही है।

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