जनपद अध्यक्ष बनने के लिए नेताजी दो पत्नियों के साथ मैदान में, 13 प्रत्याशियों को भी कब्जे में लिया

घट्टिया जनपद में अध्यक्ष पद के लिए नाटकीय घटनाक्रम, जनपद में गोवा-महाराष्ट्र जैसी राजनीति

उज्जैन, अग्निपथ। जिले की घट्टिया जनपद में अध्यक्ष पद पर कब्जे के लिए बड़ा ही रोचक घटनाक्रम हुआ है। इस जनपद में कुल 23 वार्ड है, इनमें से भाजपा ने महज 7 ही वार्ड जीते है। 6 निर्दलीयों को अपने साथ मिलाकर भाजपा ने बहुमत की कुल संख्या 13 की और इन सभी को जिला तो छोड़ मध्यप्रदेश से ही बाहर कर दिया। इस जनपद में अध्यक्ष पद के लिए अब एक ऐसे नेताजी दावेदारी कर रहे है, जिन्होंने दो धर्मपत्नीयों के साथ मिलकर तीन अलग-अलग वार्डो से चुनाव लड़ा था।

घट्टिया जनपद में कुल 23 वार्ड है। यहां जिस भी गुट के पास 12 जीते विजेता सदस्य रहेंगे, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर उसी का कब्जा रहेगा। पिछली बार घट्टिया में पूर्व विधायक सतीश मालवीय के भाई और भाजपा नेता रमेश मालवीय यहां अध्यक्ष थे। घट्टिया जनपद में इस बार कांग्रेस ने फ्री-फॉर ऑल कर दिया था। भाजपा ने 23 वार्डो के लिए जिन अधिकृत प्रत्याशियों के नाम घोषित किए थे, उनमें से महज 7 ही चुनाव जीत पाए है, इसके ठीक विपरीत कांग्रेस विचारधारा वाले 10 लोग जनपद सदस्य का चुनाव जीते है। बहुमत का आंकड़ा 12 का है, कांग्रेस को यहां अपना अध्यक्ष बनाने के लिए महज 2 ही वोट की जरूरत थी, इससे पहले कि कांग्रेस के नेता सक्रिय हो पाते भाजपा वालों ने दाव खेल लिया। 7 अपने और 6 निर्दलीय कुल 13 लोगों को साथ मिलाया और सभी को एक गाड़ी में बैठाकर उज्जैन से बाहर कर दिया। पिछले 4 दिन से सभी 13 सदस्य गुजरात के अलग-अलग शहरों में तीर्थ यात्रा कर रहे है। भाजपा के इस कदम के बाद कांग्रेस नेताओं की नींद खुली, इन्होंने भी अपने विजयी 10 सदस्यों को एकत्रित किया और उज्जैन से बाहर देवदर्शन के लिए भेजा। जिला निर्वाचन द्वारा परिणामों की अधिकृत घोषणा के दिन ही सभी लोग वापस लौटेंगे।

ये गजब का राजयोग

घट्टिया जनपद में अध्यक्ष पद ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित है। अध्यक्ष पद के लिए इस बार खजूरिया सदर में निवास करने वाले भाजपा नेता ईश्वरसिंह कराड़ा की धर्मपत्नी संगीताबाई की दावेदारी ज्यादा मजबूत है। वे खजूरिया सदर वार्ड से महज 11 वोट से चुनाव में विजयी हुई है। ईश्वरसिंह कराड़ा ने खुद मालीखेड़ी वार्ड से जनपद सदस्य का चुनाव लड़ा था।

धर्मपत्नी संगीताबाई को खजूरिया सदर के गृह वार्ड से चुनाव लड़वाया था और दूसरी धर्मपत्नी निर्मलाबाई को भी मालीखेड़ी वार्ड से जनपद सदस्य का उम्मीदवार बनाया था। ईश्वरसिंह कराड़ा और निर्मलाबाई चुनाव हार गए लेकिन संगीताबाई के चुनाव जीतने से तीन सीट में से एक पर कराड़ा परिवार का कब्जा हो ही गया। ईश्वरसिंह कराड़ा की धर्मपत्नी निर्मलाबाई पहले खजूरिया सदर से सरपंच भी रह चुकी है।

ऑफ द रिकार्ड

घट्टिया जनपद के अंतर्गत 69 ग्राम पंचायतें आती है। सभी ग्राम पंचायतों का कोई भी काम बिना जनपद अध्यक्ष पद की सहमति से स्वीकृत हो ही नहीं सकता। इस अकेली जनपद का सालाना बजट ही करीब 50 करोड़ रुपए का है। यहीं वजह है कि कांग्रेस हो या भाजपा सभी अपने-अपने जीते हुए जनपद सदस्यों को अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले देवदर्शन करा रहे है। डर है कि कहीं कोई सदस्य टूटकर दूसरे पाले में नहीं चला जाए।

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