गुरुनानक और देशमुख हॉस्पीटल पर डेढ़ लाख का अर्थदंड

मरीजों के परिजनों से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाना भारी पड़ा

उज्जैन,अग्निपथ। कोरोना पीडि़त के परिजनों से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाना गुरुनानक हॉस्पीटल व देशमुख को भारी पड़ गया। कलेक्टर आशीष सिंह ने दोनों के खिलाफ हुई शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए गुरुवार को डेढ़ लाख रुपए अर्थदंड के आदेश दे दिए।

प्रशासन ने निर्देश जारी किए थे कि हॉस्पीटल संचालक कोरोना संक्रमितों से ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं मंगवाए। बावजूद करीब एक सप्ताह पहले गुरुनानक हॉस्पिटल मरीज राजेंद्र सिरोलिया के परिजनों से जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाया। वेदनगर तिराहा स्थित देशमुख हॉस्परटल से भी मरीज जितेंद्र सोनी के परिजनों से जंबो ऑक्सीजन सिलेंडर मंगवाया था।

मामलों में शिकायत होने पर कलेक्टर सिंह ने दोनों को हॉस्पीटल संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। हॉस्पीटल संचालकों से संतोष जनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने गुरुवार को फैसला कर दिया। उन्होंने आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत गुरुनानक हॉस्पीटल पर एक लाख व देशमुख पर 50 हजार रुपए अर्थदंड के आदेश दे दिए। कलेक्टर के इस सख्त रवैया से निजी हॉस्पीटल संचालकों में हडक़प मच गया।

ऑक्सीजन के लिए टैंकर अधिग्रहित

कलेक्टर सिंह ने कोरोना महामारी में ऑक्सीजन आपूर्ति निर्बाध रखने के लिए नवदीप कारपोरेशन नागदा से अनुबंधित कर उपयोग में लाए जा रहे ऑक्सीजन टैंकर को आगामी आदेश तक अधिग्रहित कर लिया। टेंकर मिलने से लिक्विड ऑक्सीजन प्राथमिकता के आधार पर अन्य जगहों से परिवहन कि जा सकेगी।

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