निजी नर्सिंग होम में डॉक्टर्स की विजिटिंग फीस और ऑक्सीजन की दर पर होगा नियंत्रण

अस्पतालों के बाहर लिखना होगी इलाज की दर

उज्जैन। जिला स्तरीय क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी की बैठक गुरुवार को कोविड प्रभारी मंत्री डॉ.मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में बढ़ते कोरोना संक्रमण के मद्देनजर जनता कफ्र्यू की अवधि 17 मई तक बढ़ाने की अनुशंसा की गई है। 7 मई से जनता कफ्र्यू सख्ती से लागू करने के लिए कहा गया है ।

साथ ही बैठक में निजी नर्सिंग होम द्वारा ऑक्सीजन चार्जेस 200 रुपये प्रतिघंटे एवं कंसल्टेंट डॉक्टर की विजिटिंग फीस एक से दो हजार रुपये प्रतिदिन लिये जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए बैठक में मौजूद सभी जनप्रतिनिधियों ने कहा कि उक्त दरों पर नियंत्रण किया जाये, ताकि मरीजों से कोरोनाकाल में बेजा राशि नहीं वसूली जा सके। साथ ही कहा गया है कि प्रत्येक हॉस्पिटल के बाहर निर्धारित दर का डिस्प्ले भी किया जाये।

टेलीमेडिसीन हेल्पलाइन भी बनेगी

बैठक में जनता कफ्र्यू के दौरान डेयरी एवं दूधवालों का समय प्रात: 6 से 9 एवं शाम 6 से 8 तक ही निर्धारित करने एवं शादियों पर मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश अनुसार प्रतिबंध लगाने का भी निर्णय लिया गया। साथ ही बैंक आदि में भीड़ कम करने के लिये उपाय एवं ऐसे शासकीय कार्यालय जिनका इस समय खुलना आवश्यक नहीं है, को भी 17 मई तक बन्द करने के लिये कहा गया है। बैठक में विभिन्न नर्सिंग होम द्वारा मरीजों से ऑक्सीजन मंगवाने पर भी नाराजगी व्यक्त की गई और इस सम्बन्ध में शिकायत होने पर सम्बन्धित हॉस्पिटल के विरूद्ध कड़ी कार्यवाही करने के लिये कहा गया है।

बैठक में होम आइसोलेशन के अलावा सामान्य सर्दी, बुखार, खांसी के मरीजों के लिये टेलीमेडिसीन हेतु हेल्पलाइन नम्बर जारी करने का भी निर्णय लिया गया।

बैठक में सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक पारस जैन, कलेक्टर आशीष सिंह, पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्र कुमार शुक्ल, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, जिला पंचायत सीईओ अंकित अस्थाना, स्मार्ट सिटी सीईओ जितेन्द्र सिंह चौहान, विवेक जोशी, बहादुरसिंह बोरमुंडला मौजूद थे।

जिले में शादी कार्यक्रमों पर भी अब रोक

कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए अब प्रशासन ने शादियों पर भी रोक लगा दी है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी आशीष सिंह ने मप्र पब्लिक एक्ट-1949 की धारा-70 एवं दंप्रसं-1973 की धारा-144 के तहत उज्जैन जिले की राजस्व सीमा में सभी प्रकार के वैवाहिक कार्यक्रमों/सामूहिक विवाह आदि को प्रतिबंधित कर दिया है। जारी किये गये आदेश में पूर्व में वैवाहिक कार्यक्रमों हेतु जारी समस्त प्रकार की अनुमतियों को भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। कलेक्टर ने सभी होटल्स, धर्मशाला, मैरिज गार्डन तथा अन्य वैवाहिक स्थलों के संचालकों, स्वामियों, प्रबंधकों आदि को निर्देशित किया है कि वे वैवाहिक कार्यक्रम के सम्बन्ध में लिये गये शुल्क सम्बन्धित आयोजनकर्ताओं को लौटायें। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।

Next Post

बंगाल हिंसा की जांच करने गई MHA की टीम ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ से की मुलाकात, 1 घंटे तक हुई बात

Fri May 7 , 2021
 पीटीआई,कोलकाता। बंगाल में चुनाव बाद हिंसा का सच का पता लगाने के लिए केंद्र सरकार की चार सदस्यीय टीम अभी पश्चिम बंगाल दौरे पर है। पश्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के कारणों की जांच के लिए गठित केंद्रीय गृह मंत्रालय के चार सदस्यीय दल ने शुक्रवार को कोलकाता […]